मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा में संविधान के साथ छेड़छाड़ हुई है : प्रकाश अंबेडकर का ख़ुलासा




प्रकाश अंबेडकर भीमराव अंबेडकर के पोते 

हिसार(हरियाणा)| संविधान को लेकर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने ऐसा खुलासा किया है है, जिसे जानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिल जाएंगे। प्रकाश अंबेडकर का कहना है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान के साथ छेड़छाड़ हुई है। देश के चार राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा में इसे बदलने का प्रयास किया गया है।

नगरपालिकाओं के उम्मीदवार कौन हो सकते हैं। इन मुद्दों तक इन राज्यों में छेड़खानी की गई है। यह बात भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने हरियाणा के हिसार में गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि मिर्चपुर में दलितों पर हुए अत्याचारों पर राजनीतिक दलों के पीछे हटने की बात सामने आई है, जबकि उस मामले में राजनीतिक दलों को दलितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए था।

प्रकाश ने कहा कि हरियाणा सरकार के घर में शौचालय न होने पर पंचायतों, जिला परिषदों का चुनाव न लड़ पाने का कानून गलत है। जब गरीबों के पास रहने को जमीन ही नहीं है तो वो शौचालय कहां से बनवा ले। शौचालय होने की बात अमीरी-गरीबी में भेदभाव को बढ़ा रही है।

आरक्षण समाप्त होना चाहिए
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जाटों के आरक्षण मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि आरक्षण समाप्त होना चाहिए। क्योंकि आने वाले समय में आरक्षित वर्ग अधिक हो जाएंगे। ऐसे में सरकार के सामने गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।

मोटरसाइकिल पर निकाली रैली
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प्रकाश अंबेडकर के शहर में आने पर अर्बन एस्टेट से गवर्नमेंट कॉलेज मैदान तक मोटरसाइकिल पर युवाओं ने नाचते हुए रैली भी निकाली। रैली में प्रकाश अंबेडकर भी गाड़ी में खड़े होकर रैली के बीच मौजूद रहे। वहीं गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में हुए कार्यक्रम में कलाकारों ने देशभक्ति के गीत गाकर, तलवार और लठबाजी करते हुए दर्शकों का मन मोहा।

किसानों की बुनियादी जरूरतों पर दे ध्यान
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सरकार को किसानों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। 2 से 2.5 लाख किसान हर वर्ष आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों का कर्जा माफ हो जाता है और उन्हें कुछ दिन के लिए राहत दे दी जाती है, लेकिन किसानों की दशा बदली नहीं है। किसानों की बुनियादी जरूरतों पर सरकार ध्यान दें तो किसानों की दशा सुधर सकती है।

पुजारियों के लिए सरकार को बनाना चाहिए कानून
पुजारियों के बारे में कहा कि पुजारी जातियों तक ही सीमित हैं। पुजारियों की परंपरा पर जातिगत पाबंदी हटाते हुए सरकार को ही पुजारी की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे समाज में एकता का भी संचार होगा। प्रकाश ने कहा कि बाबा साहब समाज में एकता लाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने हिंदू-मुस्लिम को एक करने का प्रयास किया। इसके लिए विभिन्न एक्ट भी बनाए, लेकिन ये एक्ट सफल नहीं हो पाए।


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