दुनिया में एक शहर ऐसा भी जहां प्रशासन ने लगा रखा है मौत पर प्रतिबंध : जानिये इसकी वजह क्या है




नई दिल्ली। आज हम आपको दुनिया के एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां प्रशासन ने मरने पर रोक लगा रखी है, जी हां सही सुना आपने, इस शहर में किसी भी इंसान को मरने की इजाजत नहीं है। 

आपको भले ही जानकारी हैरत भरी लग रही है, और इस पर विश्वास नहीं कर पा रहे हों लेकिन ये सूचना सौ फीसदी सही है। जिस जगह पर प्रकृति की नियमों के खिलाफ मरने पर है उस शहर का नाम है लॉन्गइयरबेन। किसी को भी कब कहां मौत आ जाए, ये कोई नहीं जानता लेकिन दुनिया में एक शहर ऐसा है जहां इंसानों का मरना मना है। जी हां, दुनिया के सबसे उत्तरी छोर पर बसे नार्वे के लॉन्गेयरबेन शहर में इंसानों के मरने पर पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है।

लेकिन इस प्रतिबन्ध के पीछे जो कारण है उसे जानने के बाद आप भी इस प्रतिबन्ध का समर्थन करेंगे। 2000 के लगभग आबादी वाले इस शहर में हर समय जमाने वाली ठण्ड होती है। यहाँ रहने वाले लोगों में या तो टूरिस्ट होते हैं या फिर शोधकर्ता वैज्ञानिक। यहां साल में 4 महीने सूरज नहीं निकलता और चौबीसों घंटे रात रहती है। चारों तरफ बस बर्फ ही बर्फ दिखाई देती है और यही कारण है कि यहाँ ट्रांसपोर्टेशन के लिए सिर्फ स्नो स्कूटर का इस्तेमाल होता है।


शहर में एक बहुत ही छोटा सा कब्रिस्तान है जिसमें पिछले 70 सालों से कोई नहीं दफनाया गया है। दरअसल अत्यधिक ठण्ड और बर्फ में दबे रहने के कारण यहाँ लाशें जमीन में घुलती ही नहीं है और ना ही खराब होती हैं। कई साल पहले वैज्ञानिकों ने यहां के कब्रिस्तान से एक डेड बॉडी के टिशू सैंपल के तौर पर लिए थे और उसकी जांच करने पर उसमें अब भी इन्फ्लुएंजा के वायरस पाए गए। इसी के बाद से यहां नो डेथ पालिसी लागू कर दी गई। अब यदि यहां कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता है या मौत के करीब पहुंच जाता है तो उसे प्लेन या शिप की मदद से नॉर्वे के दूसरे हिस्सों में भेज दिया जाता है।



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