इन 10 तरह के लोगों को सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान के समय खडा होना ज़रुरी नही है : सुप्रीम कोर्ट




राष्ट्रगान पर जिनको न खड़े होने की छूट है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी लिस्ट को बढ़ा दिया है. और अब कुल 10 केटेगरी बना दी हैं. उन लोगों की, जो सिनेमा हॉल में नेशनल एंथम पर ना खड़े हों तो चलेगा.
इन 10 स्थितियों के लोगों को सिनेमा हॉल में फिल्म में बजने वाले नेशनल एंथम पर ना खड़े होने की छूट होगी:
1. सेरिब्रल पाल्सी यानी दिमाग़ के उस हिस्से का काम न करना जो शरीर में होने वाली हलचल को कंट्रोल करता हैं. नतीजतन लोगों को चलने फिरने से लेकर खाने, गटकने, उलटने, हर तरह के मूवमेंट में तकलीफ होती है.
2. पार्किन्संस डिजीज यानी नसों का काम करना बंद करना. जिसके चलते चलने फिरने ही नहीं, सोचने समझने की तकलीफें भी हो जाती हैं. इसके अलावा दिमागी तौर पर उलझन और डिप्रेशन भी हो सकता है.
3. मस्कुलर डिस्ट्रोफी यानी मांसपेशियों का हद से ज्यादा कमज़ोर होना. जिससे लोगों को चलने में तकलीफ होती है.
4. दृष्टिहीन
5. सुन न सकने वाले लोग
6. ऑटिज्म
7. चल-फिर न पाने वाले
8. मल्टिपल स्क्लेरोसिस यानी ऐसी स्थिति जिसमें नसों, स्पाइनल कॉर्ड और दिमाग के सेल्स पर चढ़ा हुआ नेचुरल कवर उतर जाता है. जिससे शारीरिक और मानसिक तकलीफें हो जाती हैं.
9. जिनको कभी कुष्ठरोग रहा हो
10. सीखने या समझने में जिन्हें तकलीफ होती हो

अंग्रेजी अख़बार मेल टुडे के सूत्र ये भी बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री से पूछा है कि क्या इन 10 केटेगरी के अलावा किसी और को भी शामिल करने की जरूरत है.
याद दिला दें कि पिछले साल नवंबर में आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने राष्ट्रगान बजना और सभी का उसपर खड़े होना अनिवार्य कर दिया था. सिनेमा हॉल में तकरीबन 50 साल पहले नेशनल एंथम बजाने का चलन शुरू हुआ था. लेकिन लोगों की अनिच्छा को देखते हुए अधिकतर सिनेमा घरों ने इसे बंद कर दिया था.
मैटर की अगली सुनवाई 23 अगस्त को है.

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