सीरीयाई बच्चों के साथ फोटो पोस्ट करने पर ‘भक्तो’ ने किया प्रियंका को ट्रोल तो मिला करारा जवाब




नई दिल्ली – बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा प्रियंका चोपड़ा जो अब हॉलीवुड में भी कामयाबी की सीढ़ियाँ चढ़ रही हैं, अक्सर कुछ अच्छे कामों में रहती हैं. प्रियंका ने लगातार ग़रीब और परेशान हाल बच्चों के लिए काम किया है लेकिन कुछ लोगों को सिर्फ़ नफ़रत भड़काने से मतलब होता है.
दरअस्ल में हुआ ये कि प्रियंका चोपड़ा जो कि यूनीसेफ़ की ग्लोबल गुडविल एम्बेसडर भी हैं, उन्होने सोशल मीडिया के ज़रिये लोगों को बताया कि उन्होंने सीरियाई बच्चों के साथ कुछ वक़्त बिताया है. उन्होंने इन्स्टाग्राम पर जॉर्डन के अम्मान की फ़ोटो डाली जिसमें वो सीरियाई रिफ्यूजी बच्चों के साथ खेल रही हैं.
उन्होंने बताया कि उनके लिए ये अनुभव बहुत इमोशनल रहा. जहां अमन-पसंद लोगों को प्रियंका की बातें बहुत पसंद आयीं वहीँ कुछ लोगों ने उन्हीं को ट्रोल करना शुरू कर दिया.
रविन्द्र गौतम ने लिखा कि मैं प्रियंका से प्रार्थना करूंगा कि वो भारत के ग्रामीण इलाक़ों में जाएँ जहां बच्चे कुपोषित हैं.इस पर प्रियंका ने करारा जवाब देते हुए कहा कि मैंने 12 साल यूनीसेफ़ इंडिया के लिए काम किया है और बहुत सी ऐसी जगहों पर गयी हूँ, आपने क्या किया ? क्या एक बच्चे की परेशानी दूसरे से ज़्यादा महत्वपूर्ण है.असल में प्रियंका का नाराज़ होना स्वाभाविक है.
सोशल मीडिया को लोगों ने नफ़रत भरे संदेशों से भर दिया है. बे-सर पैर की बातें, फ़ेक फ़ोटो, सब कुछ सोशल मीडिया पर है और इन सभी चीज़ों का बस एक मक़सद यही है कि देश कैसे नफ़रत के माहौल में चला जाए.अच्छी से अच्छी बात पर हिन्दू-मुस्लिम निकाल लाने वाले ट्रॉल्स से बचने की ज़रुरत है.
कुछ छद्म देशभक्तों को लगता है सेकुलरों- मुसलमानों-दलितों-आदिवासियों-वामपंथियों को गाली देना ही राष्ट्रवाद है. हालाँकि ये वो लोग हैं जिन्हें राष्ट्रवाद की परिभाषा भी ठीक से नहीं पता.

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