मोदी सरकार में ‘अख़लाक’ के हत्यारे की लाश को तिरंगा और ‘वीर जवानों’ को बोरी में लपेटा जा रहा है




नई दिल्ली – शहीदों के मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। ये पंक्तियां अक्सर कई मौकों पर पढ़ी जाती रही हैं खासकर तब जब कोई मां का लाल इस देश के लिये अपने प्राण न्योछावर कर देता है। शहीदों की हर सरकार और समाज इज्जत करता आया है।
लेकिन बीते रविवार को वतन के लिये कुर्बान हुए आठ शहीदों की लाशों के साथ सरकार ने जो सलूक किया है वह शर्मनाक है। सरकार के इस सलूक के बाद सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। पहले तो लापरवाही के चलते शहीद हुए जवानों के शवों को जमीन पर पड़ा रहने दिया गया। और उनके शवों को किसी ताबूत में नहीं बल्कि काजगी गत्तों व बोरियों में पैक किया गया।
गौरतलब है कि एक दुर्घटना में वायू सेना के आठ जवान शहीद हो गए थे। उनके शव सेना के अधिकारियों ने जब उनके परिजनों को उनके घर भेजा तो बेहद शर्मनाक था। शहीदों के शवों के साथ हुआ यह सलूक देखकर देश में गुस्सा बढ़ गया। राष्ट्रवाद औऱ देशभक्ति की बात करने वाली मोदी सरकार में सैनिकों की कदर बेइज्जती पर सवाल उठने लगे।
सरकार की इस लापरवाही और सैन्य अधिकारियों की इस करतूत को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी भड़ास निकलनी शुरू कर दी। कई लोगों ने तंज लिखा कि, अख़लाक के हत्यारों को तिरंगे में लपेटा गया था लेकिन सैनिकों के शवों को बोरियों में, वाकई शर्मनाक है।
गौरतलब है कि 2015 में नोएडा से सटे दादरी के बिसहाड़ा गांव में भारतीय वायू सेना के जवान सरताज अहमद के पिता अखलाक की गौआतंकियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। यह हत्या उनके ही गांव के लोगों ने की थी, अखलाक की हत्या करने वाले लोगों को कहना था कि अखलाक के फ्रिज में गौमांस था इसलिये उसकी पीट पीट कर हत्या की गई।
अखलाक की हत्यारोपियों में से एक रवि की पिछले साल जेल में डेंगू के कारण मौत हो गई थी, जिस पर हिन्दुवादी संगठनों के लोगों ने तिरंगा डालकर उस हत्यारोपी को शहीद बताया था। इतना ही नहीं केन्द्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने हत्यारोपी रवि की तिरंगे से ढकी हुई लाश को जाकर नमन किया था।


No comments

Need a News Portal, with all feature... Whatsapp me @ +91-9990089080
Powered by Blogger.