बुर्क़ा ओढ़ कर देवी-देवताओं की पूजा करने वाली 'नाज़नीन अंसारी’ जन्म से हिंदु थीं- जानिये कौन है ये




नाजनीन अंसारी, फरेब और ढ़ोंग की सीमा पार करती ये औरत पहले पैदाइशी हिन्दू थी बाद में इसने मुस्लिम युवक इक़बाल अंसारी से शादी कर मुसलमान बनी और नाम रखा नाजनीन अंसारी लेकिन इसकी अपने शौहर से भी ना बनी और जल्द ही तालाक़ ले लिया वैसे तो इसके कुल 6 से 7 पति रह चुके है। अपने घर खानदान व मोहल्ले की ये बदनाम औरत तालाक़ लेने के बाद भी अपना नाम नही बदला, बुर्क़ा ओढ़-ओढ़ कर इस्लाम मज़हब को बदनाम करने की साजिश रचने का सिलसिला इसने क़रिब 2010 से शुरू किया।

बीजेपी आरएसएस के साथ मिलकर ये जिस साजिश के तहत काम कर रही है उसमें ये अपने क्षेत्र लल्लापुरा की हिन्दू धर्म की ही और बामुश्किल एक-दो बहुत ही गरीब मुस्लिम औरत जिनको इस्लाम की ज़रा सी भी जानकारी नहीं जिनकी उनके रिश्तेदारों से भी नही बनती जो बिल्कुल अकेले रहती है दूसरों के घरों में बर्तन धोती हैं ऐसी भोली-भाली गरीब असहाय औरतों को थोड़े से पैसे से खरीदकर बुर्का पहना मुस्लिम औरतों की तरह पेश कर मूर्ति पूजा करते हुये दिखाती है, ताकि मुस्लिमों के दिल को ठेस पहुँच सके और हिन्दू खुश हो सके व इस्लाम के खिलाफ बोलने का मौका मिल सके।

बीजेपी आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही ये बहरूपिया औरत मुस्लिमों और ख़ासकर मुस्लिम औरतों को गुमराह करना चाहती है हाँलाकि इसे ये नही मालूम की एक सच्चा मुसलमान कभी गुमराह नहीं हो सकता। इस औरत को सिर्फ हिन्दूवादी संगठन ही सपोर्ट करते हैं यहाँ तक की इसके अपने ही घर वालों ने हमेशा के लिये इससे चटाई छीनकर घर से बेदखल कर रखा है इसके साथ दो-एक जाहिल मुस्लिम औरतों का भी यही हाल है।

जब से मुल्क़ के उलेमाओं ने इसके ख़िलाफ इस्लाम से खारिज होने का फतवा दिया है तब से यह बौखलाए बनारस में कुछ पंडित और हिन्दू धर्म गुरूओं के पास चक्कर लगा रही है ताकि मुस्लिम उलेमाओं के खिलाफ तेज़ी से जंग छेड़ सके, कई सारे हिन्दूवादी संगठन और पंडितो ने इसको मदद का पूरा भरोसा देकर आगे की रणनीति बनाने को कहा है।

इसने अपने बयान में यह तक कह डाला कि किसी उलेमा के कहने से मैं इस्लाम से ख़ारिज नही होती और हिन्दु देवी-देवताओं की पूजा करना नहीं छोड़ सकती क्योंकि यह मुसलमानों के पूर्वज हैं, और घूम-घूमकर मुस्लिम औरतों को गुमराह करन् की कोशिश करती है तुम सब भी मुर्ति पूजा करो क्योंकि यह मुसलमानों के पूर्वज हैं, भला इसे क्या पता कि पूरी दुनिया के लोंगो के पूर्वज एक हज़रत आदम अलैहिस्सलाम थे जो कि मुसलमान थे।

ख़ैर लेकिन यह खुलकर हिंदू बनकर भी रहना नही चाहती। बनारस के जिस लल्लापुरा इलाके में यह रहती हैं वहाँ भारी तादाद में मुस्लिमों की ही आबादी है जिन्होनें इसका पूरी तरह से बायकाट कर रखा है। भारत में मुस्लिमों के खिलाफ ये बड़ी जंग छेड़ सके इसके लिये इस ढ़ोंगी बहरूपिया औरत को अच्छे ख़ासे पैसे भी मिल रहे है।

इसकी सबसे ख़ास बात ये है कि यह जब भी कोई हिंदुत्व का काम करती है तो बुर्क़ा ज़रूर पहनती है ताकि मुस्लिम होने की पहचान हासिल कर सके। यह बहरूपिया औरत राष्ट्रीय मुस्लिम महिला मंच के नाम से एक संस्था भी चलाती है, जिसमें इसकी कोशिश होती है ज़्यादा से ज़्यादा मुस्लिम औरतों को जोड़कर उन्हे गुमराह करना।

आजकल यह हनुमान चालिसा और कुछ हिन्दु किताबों का उर्दू में अनुवाद करने का काम कर रही है ताकि मुस्लिम औरतों को बहकाकर उनको पढ़ने को दिया जा सके। यह ढ़ोंगी अपने झूठे प्रौपेगेंडा को और तेज़ी से बढ़ाना चाहती है ख़ुद झूठी मुसलमान बनकर हिन्दू-मुस्लिम भाईयों के बीच तीखे बहस कराकर नफरत फैलाना चाहती है। लेकिन हम इसे इसके मक़सद में कामयाब नही होने देंगे।

आप सब हमारा साथ दीजिये और अपनी राय रखकर इस बात को शेयर कर के दूसरे मुस्लिम भाई-बहनों तक पहुँचाने की कोशिश ज़रूर कीजिये ये हमारे मज़हब और इज़्ज़त की बात है प्यारे इस्लाम से ताल्लुक़ कोई भी बात हम इस दौर में तो नही छिपा सकते क्युँकि हमारे दुश्मन अब ज़्यादा बन गये हैं। हमें इस बहरुपी औरत का सच सबके सामने लाना होगा।

सोर्स : आवाज़े मुल्क


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