714 भ्रष्टाचारियों की लिस्ट में एक भी मुस्लिम नहीं, फर्जी राष्ट्रभक्तों से भरी है लिस्ट!




नई दिल्ली – पनामा पेपर्स के बाद अब पैराडाईज पेपर्स ने भारतीय राजनीति में तहलका मचा दिया है। पैराडाईज पेपर्स मामले में भाजपा सांसद आरके सिंह और वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, पूर्व राज्य सभा सांसद विजय माल्या, मान्यता दत्ता, नीरा राडिया और बॉलीवुड के बिग बी कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन समेत 714 लोगों का नाम सामने आया है।
यह सूची अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारों के संघ द्वारा जारी की गई है, सूची जारी करने वाले इंटरनेशल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (आईसीआईजे) ने अपनी सूची में बताया है कि 180 देशों की सूची में नामों की संख्या के हिसाब से भारत 19 वें स्थान पर है। जिन लोगों के नाम इस सूची में शामिल हैं उन्होंने कालाधन छिपाने के लिये फर्जी कंपनियां बनाकर अपने धन को विदेशो में इनवेस्ट किया था। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाऐं आ रही हैं।
सोशल मीडिया पर मुस्लिम नौजवानों की तरफ से टिपप्णियां की जा रही हैं कि 714 पैराडाईज पेपर्स में एक भी नाम भारतीय मुसलमानों का नही है। शमीम अहमद ने लिखा है कि ‘मुसलमानों का नाम सिर्फ, दैनिक जागरण समूह, हिन्दुस्तान, अमर उजाला इत्यादि पेपर्स में आता है, वो भी बड़ी बड़ी हेडिंग के साथ, पूर्वाग्रह से युक्त, आरोपी को सीधा अपराधी घोषित करते हुए। पनामा और पैराडाइस जैसे पेपर्स सनातन धर्म के शुद्ध नस्ल भारतीय तथाकथित धर्मनिरपेक्ष हिन्दुओ के लिए है बार बार नाम आता है। लेकिन मीडिया भांग चाट के सो जाता है। हेडिंग के नाम पर मंत्री जी मौन व्रत धर लेते हैं।’

ट्वीटर पर पत्रकार निसार सिद्दीकी ने लिखा है कि ‘मुसलमानों के पिछड़ेपन का अंदाजा आप यूं ही लगाईये कि पैराडाईज पेपर्स के 714 नामों में एक भी नाम मुस्लिम नही है’ वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अली जाकिर ने लिखा है कि ‘मुस्लिमो का नाम सिर्फ संघी मीडिया मे आता है ये मामूली लुटिया चोर को भी आतंकी बताते हैं,इनका नाम कभी पनामा पेपर्स पैराडाईज पेपर्स मे नही आता।’
ट्वीटर पर ही पत्रकार वसीम अकरम त्यागी ने लिखा है ‘भारत के मुसलमानो को पिछड़ेपन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनका नाम न तो पनामा पेपर्स मे आया और ना ही पेराडाईज पेपर्स में।’


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