कटाने के लिये जानवरों की खरीद फरोख्त पर कोई प्रतिबंध नहीं लगायेगी मोदी सरकार- वापस ली योजना




नई दिल्ली-पशुओं को वध के लिए काटने के लिए बिक्री पर रोक लगाने की योजना को मोदी सरकार ने वापस ले लिया है.इस बात की पुष्ठी पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधिकारी द्वारा कही गई है.
अंग्रजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से वार्ता के दौरान एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने जानवरों से क्रूर बर्ताव पर रोकथाम (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017 में किए गए बदलाव पर राज्यों से राय मांगने के बाद यह कदम उठाया गया है.अफसर ने कहा कि हमने इस हफ्ते के शुरुआत में कानून मंत्रालय को मामले को लेकर एक फाइल भेजी थी,इस फाइल में कहा गया था कि हम कई मुद्दों के कारण 29 मई के जानवरों के प्रति रोकथाम वाली अधिसूचना को वापस ले ली हैं और इस पर फिर से विचार किया जाएगा.
फिलहाल योजना में संसोधित अधिसूचना के लिए सही समय-सीमा का निर्णय नहीं लिया गया है.गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मई में एक अधिसूचना ज़ारी करके देश भर में जानवरों को वध के लिए क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी थी.बता दे केंद्र की इस योजना के बाद किसानो ने भी इसका विरोध किया था.
किसानो का कहना था अनावश्यक पशुओं को बाज़ार में ना बिक पाने के कारण उसका कोई मूल्य किसानो को नही मिल सकेगा.बता दे अनावश्यक पशुओं को स्लाटर हाउस में काटा जाता है लेकिन सरकार की इस अधिसूचना का चमड़ा कारोबार पर भी नकारत्मक प्रभाव पड़ा.
सितंबर में पर्यावरण मंत्री हर्ष वर्धन ने संकेत देते हुए कहा था कि केंद्र सरकार द्वारा पशुओं को काटने के लिए रोके जाने वाली बिक्री के बैन को उठाया जा सकता है.उस समय हर्ष वर्धन ने कहा था कि यह केवल पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने के लिए एक नियामक व्यवस्था जिसका उद्देश्य स्लाटर हाउस पर प्रभाव डालना या किसानों को नुकसान पहुंचाना नहीं थी.


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