देश भर में ट्रेन हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है- 12 घंटे के अंदर हुआ चार रेल हादसा




देश भर में ट्रेन हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार और शुक्रवार को 12 घंटे से भी कम समय में चार ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और कम से कम 12 लोग घायल हो गए. इनमें से एक दुर्घटना ओडिशा और तीन हादसे उत्तर प्रदेश में हुए. शुक्रवार तड़के उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मानिकपुर में वास्को डि गामा एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग जख्मी हो गए.
दूसरी घटना में इंजन डिब्बे से अलग हो गया और तीसरी घटना में ट्रेन मानवरहित क्रॉसिंग पर गाड़ी से टकरा गई. हादसे का सिलसिला गुरुवार शाम 07:19 बजे से शुरू हुआ, जब उत्तर प्रदेश में अमेठी के निकट मानव रहित क्रॉसिंग पर एक स्थानीय ट्रेन बोलेरो गाड़ी से टकरा गई. इस घटना में चार लोगों की जान चली गई, जबकि दो लोग घायल हो गए. एक अधिकारी ने बताया कि मुसाफिरखाना थाना अंतर्गत माठा भुसुंडा गांव में विवाह समारोह में जा रहे लोगों की गाड़ी ट्रेन से टकरा गई.
इसके बाद शुक्रवार तड़के 04:18 बजे मानिकपुर रेलवे स्टेशन के निकट वास्को डि गामा एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए . इस हादसे में छह साल के बच्चे और उसके पिता सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए. रेलवे अधिकारियों ने मुताबिक कि गोवा से पटना जा रही 12741 वास्को डि गामा एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह 04:18 बजे मानिकपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-2 से होकर गुजरी. कुछ ही दूर जाने पर ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए.
मानिकपुर में ट्रेन के पटरी से उतरने के दो घंटे के भीतर ही ओडिशा में गोरखनाथ और रघुनाथपुर के बीच पारादीप-कटक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. अधिकारियों ने बताया कि पारादीप-कटक मालगाड़ी सुबह करीब 05:55 बजे हादसे का शिकार हुई. ईस्ट कोस्ट रेलवे के प्रवक्ता जेपी मिश्रा ने बताया कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि मालगाड़ी पारादीप से कोयला लेकर कटक जा रही थी, तभी कटक से 45 किलोमीटर और पारादीप से 38 किलोमीटर दूर बनबिहारी ग्वालिपुर पीएच रेलवे स्टेशन के नजदीक डाउन लाइन पर मालगाड़ी के करीब 14 खुले डिब्बे पटरी से उतर गए.
इसके अलावा चौथी घटना में जम्मू-पटना अर्चना एक्सप्रेस का इंजन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निकट ट्रेन से अलग हो गया. ऐसा दो बार हुआ. इंजन रात में 02:35 बजे अलग हो गया और इसे जोड़कर 03:17 बजे रवाना किया गया. हालांकि इंजन और पहला कोच (पहले की तरह) सुबह 05:25 बजे अलग हो गए और सुबह 06:05 बजे इसे जोड़ा गया. उत्तर मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फिर से जांच कर फैसला किया गया कि ट्रेन में नया इंजन लगाया जाना चाहिए, ताकि ऐसी समस्या फिर ना हो. ’’ आखिरकार, सारी सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद सुबह सात बजकर 25 मिनट पर ट्रेन रवाना हुई. अधिकारी ने बताया कि घटना के कारण कुछ मेल एक्सप्रेस ट्रेनों और माल गाड़ी के परिचालन में देरी हुई.


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