सर्दी से ठिठुरते रोहिंग्या मुसलमानों को तुर्की ने फिर पहुंचाई राहत, शरणार्थी कैम्पों में बांटे कंबल




नई दिल्ली – म्यांमार में इसी साल अगस्त की 25 तारीख को म्यांमार के रखाईन प्रांत में हिंसा भड़क गई थी, यह हिंसा म्यांमार में एक लंबे समय से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ भड़की थी, जिसमें म्यांमार की सेना और बोद्धिस्ट चरमपंथियों ने रोहिंग्या मुसलमानों का कत्ल ए आम किया था।
हिंसा की वजह से जान बचाकर पड़ोसी देश बंग्लादेश में शरणार्थी हुए रोहिंग्या मुसलमानों की तुर्की पहले दिन से ही मदद कर रहा, सर्दी के चलते तुर्की की सरकारी एजेंसी ने शरणार्थी शिवरों में कंबल वितरित किये हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तुर्की  की सरकारी एजेंसी कोऑपरेशन एंड कोआर्डिनेशन ने बंग्लादेश के बॉक्स बाजार जिले में दस हजार से ज्यादा कंबल रोहिंग्या मुसलमानों को वितरित किये हैं।
जानकारी के लिये बता दें बंग्लादेश में पांच लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थी शिविरो में रह रहे हैं, संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में एक ही जगह पर रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों में संक्रमण फैल सकता है, क्योंकि साफ सफाई का प्रबंध न होने की वजह से कोई खतरनाक बीमार इन लोगों को अपनी जद में ले सकती। बता दें कि रोहिंग्या मुसलमानों की मदद भारत सरकार द्वारा भी कई गई है।
शरणार्थी शिविर में कंबल बांटते तुर्की की सरकारी एजेंसी के कर्मचारी।

संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में हुई इस हिंसा के लिये म्यांमार सरकार को जिम्मेदार माना था, और म्यांमार सरकार को फटकारते हुए कहा थआ कि सैटेलाईट फुटेज मे साफ तौर पर देखा गया है कि म्यांमार में हिंसा में सेना भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार को हथियार सप्लाई करने पर रोक लगाने की भी वकालत की थी।
संयुक्त राष्ट्र संघ म्यांमार हुई इस हिंसा को मानवता के खिलाफ युद्ध करार दे चुका है, बंग्लादेश कई बार म्यांमार से अपील कर चुका है कि वह रोहिंग्या मुसलमानों को वापस अपने देश में रखे लेकिन म्यांमार सरकार अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई है।

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