जिस गांव में मुसलमान हैं वहां दलितों, आदिवासियों पर कभी जुल्म नहीं होता- स्वामी सत्यानंद महाराज




नई दिल्ली – स्वामी सत्यानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है, यह वीडियो पॉलुर फ्रंट ऑफ इंडिया के सम्मेलन का है। पॉपुलर फ्रंट के राजस्थान में आयोजित सम्मेलन मे बोलते हुए स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा है कि अगर देश में मुसलमान नही होता तो दलित आदिवासी और पिछड़े भी नहीं होते।
वायरल हो रहे इस वीडियो में स्वामी भारत में मुसलमानों के महत्तव पर बात करते हुए कह रहे हैं कि अगर इस देश में मुसलमान नही होता दलित आदिवासी पिछड़े समुदाय के लोग भी नहीं होते। स्वामी कह रहे हैं कि जिस गांव में मुसलमान बहुसंख्या में हैं वहां दलितों पिछड़ों. ओबीसीयियों पर अत्याचार नहीं होता। उन्होंने दावा किये जिस गांव में सिर्फ हिन्दु हैं वहां दलितों पर अत्याचार होते हैं। स्वामी सत्यानंद महाराज ने दावा किया कि उनकी बात शत प्रतिशत सही है।
उन्होंने कहा कि चाहे तो इसकी सीबीआई जांच करा लीजिये, और अगर उनका दावा गलत निकल जाये तो उन्हें चौराहे पर फांसी पर टांग दीजिये। स्वामी सत्यानंद ने कहा कि उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास उठाकर देख लीजिये जब मुसलमान इस देश में आया तो उसने भूखे नंगे लोगों को जिन्हें लोग अपने पास भी नही बैठाते उन्हें गले से लगाया।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने इस देश में वाल्मीकी समाज के मलिक ठाकुर को गुजरात का और दलित समुदाय के नसरूद्दीन खुसरो को दिल्ली का बादशाह बनाया. स्वामी सत्यानंद महाराजा ने कहा कि जिन मुसलमानों ने पूरी मानवता को अपने गले से लगाया, उन्हीं मुसलमानों के खिलाफ आज जहर घोला जा रहा है।
देखें वीडियो

स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि आज इतिहास को हिन्दू और मुसलमान की नजरों से देखा जाता है जबकि इतिहास हिन्दू मुसलमान की नजरों से देखे जाने की चीज नही है। उन्होंने कहा कि हल्दी घाटी युद्ध में महाराणा प्रताप के सिपाही पठान थे और अकबर के सिपाही और सेनापति हिन्दू ठाकुर थे। उन्होंने कहा कि अगर इतिहास को हिन्दू मुसलमान के चश्मे से देखा जायेगा तो तस्वीर बिल्कुल भी स्पष्ट नही होगी।


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