'राजा दाहिर' ने अपनी सगी बहन से शादी क्यों की थी.? जानिये इसके पिछे की वजह




सन 700 ई. मे जब मोहम्मेद बिन क़ासिम की आयु 6 साल थी, उस समय सिंध मे जो राजा गद्दी पे बैठा उस का नाम राजा दाहर था. उस समय सिंध दो भागो मे बंटा हुआ था एक भाग की राजधानी अरोड़ थी जिसे अलवर भी कहा जाता था. दूसरे भाग के राजा की राजधानी ब्राह्मनाबाद थी उस का नाम भी यही था, लेकिन वो एक साल के बाद मर गया. उस के मारते ही राजा दाहिर के छोटे भाई दहरसेना ने क़ब्ज़ा कर लिया इस तरह पूरा सिंध राजा दाहिर के खानदान मे आ गया. पूरी दुनिया जानती है के एक 16 साल का बच्चा मोहम्मद बिन क़ासिम ने किस तरह सिंध को जीता वो भी सिर्फ 15 ह्ज़ार फ़ौज के साथ जब के राजा दाहिर के साथ 2 लाख से अधिक फ़ौज थी. ये एक अलग कहानी है इस पे फिर कभी, आज मे ये बताना जा रहा हु के अपनी गद्दी बचने के लिये राजा दाहिर ने कीस अपनी ही बहन से शादी कर लि थी.
तारिख़े मासूमी व चच नामा के अनुसार जब राजा दाहिर सिंध का राजा बना तो उस ने अपने मुल्क का दौरा किया, लोगो से मिला और अपनी सर्हदो को देखा लोगो की समस्या सुना, इस तरह ये दौरा कई महीनो का था. जब वह वापस अपने राजधानी अरोड़ वापस आया तो जनता ने उस का जोरदार स्वागत किया. दरबार सजाया गया लोगो को सम्मानित किया गया. जब दरबार खत्म हो गया तो दो पण्डित और दो नजूमी अकेले मे बादशाह से मिले. उन्हो ने कहा महाराज हम ने आप की और आप की बहन माई रानी की कुंडली देखी है,जिस से पता चलता है के आने वेल दिनो मे आप को कोई समस्या नही है सिर्फ एक समस्या छोड़ कर, वो य़ के मई रानी की जिस से शादी हो गी वो सिंध का राजा बने गा. राजा दाहिर ने कहा के मेरे मौत के बाद?. नज़ूमियो ने कहा नही महाराज वो आप की हत्या कर गद्दी पे क़ब्ज़ा कर ले गा. पंडितो ने कहा महाराज ये हमारा कर्तव्य था के आने वाले मुसीबत से आप को बता दे. हिन्दू राजा पण्डित और नज़ूमियो के बातो पे यक़ीन करते थे चूंके राजा दाहिर खुद एक ब्राहमण था इस लिये उसे इन बातो पे यक़ीं था.आश्‍चर्य होता है के जयोतिषो ने ये नही बताया के मोह्म्मेद बिन क़ासिम उस के लिये सब से बड़ा खतरा है.
जयोतिष और पंडित के चले जाने के बाद राजा दाहिर बहुत परेशन हुआ, रात भर उसे नींद नही आई सुबह होते ही उस ने अपने वज़ीर जिस का नाम बुद्दहीमन था और उसे अपनी समस्या बाताई. यहा मे चच नामा मे लिखी हुई बाते हु-बहू लिख रहा हु. ” महाराज! वज़ीर ने कहा राजा का अपने प्रजा,अपनी फ़ौज और और अपने मुल्क से अलग होना अच्छा नही होता. इस लिये महाराज मे आप को कैसे ये राय दु की आप गद्दी छोड़ दे. राजा दाहिर ने कहा तो मे क्या करू?. वज़ीर ने कहा के आप वो काम करे जो आज तक किसी ने नही किया आप अपनी बहन से शादी कर ले और अपनी रानी बना ले लेकिन रिश्ता पती-पत्नी का नही हो गा उसे बहन ही समझे पत्नी न समझे. इस शादी से लाभ ये हो गा के आप का इस तरह कोई बहनोई नही हो गा और इस तरह आप के गद्दी को ख्त्रा भी नही होगा. राजा ने कहा तुम्हारा सुझाव तो अच्छा है मगर लोग क्या काहे गे और समाज क्या काहे गा. वज़ीर ने कहा के आप महाराज है किस की हिम्मत है जो आप के खिलाफ बोले गा. इस तरह राजा दाहिर ने अपनी बहन से शादी कर लि.( पेज न. 145-146)”.
इतिहास के अनुसार राजा दाहिर के बहन की शादी भाटिया रज्य के राजा सोन्हन राय से लगी थी. राजा दाहिर का भाई दाहर् सेना ने जब सुना के उस के भई राजा दाहिर ने अपनी बहन से शादी कर लि है तो वो बहुत गुस्से मे आया और एक फ़ौज ले कर अरोड़ा की तरफ बड़ा, इसी बीच राजा दाहिर ने दहरसेना को पैगाम भेजा के उस ने किसी खतरे के कारण अपनी बहन से शादी की है , और वो बहन ही रहे गी बीवी नही. मगर दहरसेना का गुस्सा ठंडा नही हुआ और फ़ौज ले जा कर राजधानी का घेराव कर लिया. राजा दाहिर ने भी अपनी फ़ौज भेजी. दहरसेना के पास फ़ौज कम थी इस लिये उस ने दाहिर से समझौता का पेशकश किया और उस से मिलने के लिये कहा. दहरसेना महल मे गया और राजा दाहिर से कहा के चलो बाहर मैदान मे बात हो गी उसे अपने हाथी पे बैठा कर क़िले से बाहर ले जाने लगा तो वाज़ेर को शक हुआ उस ने इशारे से राजा को बाहर जाने से माना कर दिया और राजा दाहिर बाहर नही गया.दहरसेना की फ़ौज राजा दाहिर के फ़ौज के सामने नही टिक पायी, इस का दहरसेना को बहुत सदमा पहुचा, गर्मी भी बहुत थी, उसे बुखार आ गया और जिस्म पे छले पड गये, इस तरह दहरसेना चार दिन बीमार रह कर वही क़िले के बाहर मर गया. इतिहास मे आता है के दहरसेना अपने भई की हत्या करना चाहता था क्यो के वो समझता था के राजा दाहिर ने अपनी बहन के साथ शादी कर ब्राहमण जाती का नाम बदनाम किया है.
 Refrences-
1. Tarikhe-sindh or Tarikhe-Masumi–  Mohammed Masum
2. Chach Nama –   Ali ahmed Al-kufi
3. Fatah-ul-Baladan – Ahmed Ali Bilazri
4. Tahfatul-Karam- Ali Sher qanea
5.  The Indian Express- article on is sindh king raja dahar married With sister forbecome the ruler of Sindh-2005

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